शुक्रवार, 17 अगस्त 2018

निखिलं नवतः चरमं दशतः' सूत्र का अर्थ और गुणा(multiplication) करने में इसका प्रयोग, उदाहरण सहित।

A . गुणा करने में. 

गुणा करने के और भी सूत्र हैं. इस (निखिलं नवतः चरमं दशतः) सूत्र के प्रयोग से केवल आधार  (10,100,1000,10000,..अथवा उपाधार)के निकट के संख्याओं का गुणन किया जाता है. 
जैसे :- 98 x 99, 94 x 86 ,93x75, 102 x 97 , 103 x 107 ,  -- ये सभी संख्याओं के जोड़े(pairs) 100 के निकट हैं.

आइये अब हम निखिलं विधि से गुणा करना सीखते हैं.
98 x 99 = 
  •  इस में 98 और 99 क्रमशः 100 से 2 और 1 कम हैं इसलिए इनके सामने -02 और -01 लिखा गया है.
  • -02 x -01 = 02 उत्तर/गुणनफल के दाएं तरफ लिखा गया है.
  • 98-01 या 99-02 या 100-(01+02) =97 .उत्तर/गुणनफल के बाएं तरफ लिखा गया है.
  • और इस तरह से 98x99 = 9702. 


94 x 86= 
  • 94 और 86 क्रमशः 100 से 6 और 14 कम हैं इसलिए इनके सामने -06 और -14 लिखा गया.
  • दाएं तरफ : -14 x -6= +84.
  • बाएं तरफ : 86-06 या 94-14 = 80.
  • अतः 94x86= 8084. 


                                                              
93 x 75 =
  • 93 और 75 क्रमशः 7 और 25 अंतर रखते हैं आधार (100) से.
  • दाएं तरफ :   -7 x -25 =175= 175  (क्योकि आधार में दो शून्य हैं इसलिए केवल दो ही अंक दाएं तरफ आ सकते हैं).
  • बाएं तरफ :  75-7 = 68. और 68 + 1 = 69.
  • इस तरह 93x75=6975.


102 x 97 =
  • 102 आधार से 2 अधिक है, 97 आधार से 3 कम है इसलिए इनके सामने क्रमशः +2 और -3 लिखा गया.
  • दाएं तरफ : +2 x  -3 = -06  (-6 नहीं,क्योंकि आधार 100 में दो शून्य हैं).
  • बाएं तरफ : 97+2 या 102-3 = 99.
  • दाएं ओर ऋणात्मक (negative) आने के कारण दाएं की संख्या का पूरक(06 का पूरक = 94) लिखा गया और बाएं की संख्या से 1 कम कर दिया गया.
  • इस तरह से 102 x  97 = 9894.


ऊपर के उदाहरणों से आप समझ गए होंगे कि  --
  1. दाएं तरफ में अंको की संख्या दो ही हो सकते हैं. यदि आधार 10 होता तो एक संख्या और यदि आधार 1000 होता तो तीन संख्या होते.
  2. यदि  दाएं तरफ  अधिक अंक आ जाते हैं तो उस  अंक  को बाएं तरफ जोड़ दिया जाता है.
  3. यदि दाएं तरफ  ऋणात्मक  आ जाये तो  उसका पूरक लिखते हैं और बाएं तरफ एक घटा लिया जाता है.  


103 x 107 =
  • 103 और 107 आधार से क्रमशः 3 और 7 अधिक है इसलिए उनके सामने  +03 और +07 लिखा गया है.
  •  दाएं तरफ  :+3 x +7 = 21.
  • बाएं तरफ : 103+7=110.
  • इस तरह से 103 x 107 =11021.   



107 x 96 = 103/-28 = 102/72 =10272.

85 x 87 = 72/(-15 x -13) 
  • यहाँ 15 x 13 के लिए भी 'निखिलं' से ही --दोनों आधार 10 से क्रमशः 5 और 3 अधिक हैं.
  • इसलिए (15+3 या 13+5=18)  / (5 x 3=15 =15)  अर्थात 18/15 = 195.
  • इस तरह से --- 72/(-15 x -13) = 72/ (195) =72/195 = 73 / 95.
  • अतः 85x87 = 7395.

 85 x  87 या इस तरह के अन्य संख्याएँ जो किसी आधार संख्या के निकट हैं तो ---- इनका आधार से विचलन (कमी या अधिकता) तीन प्रकार का हो सकता है 
  • 1 एक (या  दोनों) संख्या 10 से नीचे जैसे:- 94 x 86 में, 98 x 99 में.
इस स्थिति में दोनों संख्या का गुणा आसान है. जैसे 94 x 86 में  6 x 14= 84.अतः इसके लिए सामान्य गुणा से दायाँ पक्ष प्राप्त करें.

  • 2.  दोनों संख्या 10-20 के बीच के हों. जैसे :- 85 x 87 में -13 और -15 है.

इस स्थिति में एक बीजगणितीय सूत्र  का प्रयोग करेंगे-- (10 + a )(10 + b) =(10+a)10 + (10+a)b = (10+a+b)10 + a.b

15 x 13 = (15 + 3)10 + 5x3 = 195.
17 x 18 = (17 + 8)10 + 7x8 = 250 + 56 = 306. 
12 x 13 = (13 + 2)10 + 3x2 = 156. 

  
  • 3. एक या दोनों 20 से अधिक हों. जैसे 76 x 69 में. 


इस स्थिति में 'ऊर्ध्वतिर्यग्भ्यां' सूत्र का प्रयोग करेंगे. 'ऊर्ध्वाधर और तिर्यक' का नियम इस पर लगाया जाता है.

24 x 31 = 2x3 / (2x1+ 4x3) / 4x1  = (दाएं से बाएं) 6 / 14 / 4  = (6+1) /4/4  =744. 




कुछ और उदाहरण 
  1. 1111x1002= 1111+2 /111x2 =1113/222 =1113222. 
  2. 123 x 82 =123-18/23x(-18) =105/-414 = 104/586 =104586.
  3. 15x16 =15+6/6x5 =21/30 =21+3/0 =240.
  4. 123x114 =123+14/23x14 =137/322.
  5. 125x78 =125-22/25x(-22) =103/-550 =98/-50 =9750.
  6. 124x81 =124-19/24x(-19) =105/-456 =101/-56 =100/44 =10



अब निम्नलिखित संख्याओं के गुणनफल ज्ञात कीजिये ----

1. 65 x 103       (हल देखने के लिए details पर click करें )




=103-35 / -35 x +03   =68/ -105 =67 /-05  =66 /95 =6695 

2. 98 x 89




= 98-11/ -2x -11  =87/22 =8722.

3. 995 x 992




=995-008/ -005 x -008  =987/040 =987040

4. 78 x 55




=78-45/-22 x -45 =33/990 =42/90 =4290.

5. 999999x999898




=999999-000102/(-000001)x(-000102) =999897/000102 =999897000102



अब आते हैं 'उप-आधार' के निकट के संख्याओं का इस विधि से गुणन पर.

10,20,30,40,50 ...ये सब 10 के गुणज(multiple) हैं.
10,20,50 ये सब 100 के गुणनखंड(factor) हैं.
200,   100 का गुणज भी है और 1000 का गुणनखंड भी है.

ऊपर ये जो गुणज और गुणनखंड हैं वह अपने  संगत आधार संख्या से बने उप -आधार हैं.


52 x 53=
यहाँ पर दोनों संख्या 50 के निकट हैं. इसे दो तरह से बना सकते हैं --
50 को 10 का गुणज(10x5) मानते हुए.
  • 52 और 53,  50 से क्रमशः +2 और +3 विचलन पर हैं.
  • इसलिए दायाँ पक्ष होगा -- +2 x +3 =6  (06 नहीं ).
  • बायाँ पक्ष होगा -- 52 +3 या 53+2 या 50+(2+3) =55.किन्तु 50 आधार 10 का पाँच गुणा है इसलिए   55x 5 =275 
  • अतः गुणनफल = 275/6  =2756.
50 को 100 का गुणनखंड (100/2=50) मानते हुए.
  •  52 और 53, 50 से क्रमशः +02 और +03 विचलन पर हैं.
  • इसलिए दायाँ पक्ष -- +02 x +03 = 06 (केवल 6 नहीं ) 
  • बायाँ पक्ष -- 55. किन्तु 50, आधार 100 का आधा (1/2) है.इसलिए 55/2 = 27 + 1/2 
  • याद कीजिये की जब कभी दाएं तरफ ऋणात्मक आता था तब बाएं से 1 निकलकर दाएं जाता था 1x 100 (=100)  बनकर. (यदि आधार 100 हो तो ). 
  • इसी तरह 1/2 (पूर्ण संख्या न होने के कारण) 1/2 x 100 (=50) बनकर दाएं जायेगा.
  • अतः गुणनफल = (27 + 1/2)/06  = 27/(50 +06 ) =27 /56 =2756.


49 x 55 =
  • उपाधार = 50 (=100/2).
  • उपाधार से विचलन -1 और +5.
  • दायाँ पक्ष-- -1 x +5 = -05 (केवल -5 नहीं).
  • बायाँ पक्ष -- 49+5 या 55 -1 =54. किन्तु उपाधार  50, आधार 100 का आधा (1/2) है.इसलिए  54/2 =27.
  • अतः गुणनफल =27/ -05 =26/95.  


49 x 54 = 
  • उपाधार = 50 (=100/2).
  • विचलन  -1 और +4 
  • दायाँ पक्ष --  -1 x 4 = -04.
  • बायाँ पक्ष -- 49+4 या 54-1 =53. किन्तु आधा करने पर, 26 + 1/2. अतः गुणनफल = (26+ 1/2)/ -04  =26/(50-04) =26/46. =2646.
  • ध्यान दीजिये यहाँ पर 04 का पूरक लिखने की आवश्यकता नहीं पड़ी (जैसा कि  पिछले  में) क्योंकि 1/2 ने ही इसे ऋणात्मक से धनात्मक बना दिया.

541x502= 541+02/41x2 =543/82  =271582.(नीचे देखें)
  • अगर हमने इसे 100 के गुणज के रूप में मानें तो दायाँ पक्ष ठीक है और बायाँ  पक्ष को 5 गुना करना होगा. इसलिए 2715 /82 =271582 .
  • अगर इसे 1000 के उपगुणज मानें तो  दायाँ पक्ष  082 होगा और बायाँ पक्ष को दो से भाग देना होगा.इसलिए  271 +1/2 /082 =271/500+82 =271/582  =271582.




इस सूत्र की सहायता से सभी संख्याओं का गुणा  नहीं किया जा सकता है किन्तु कुछ संख्याओं के साथ अवश्य ही किया जा सकता है. कुछ अन्य उदाहरण देखें -----

103 x 204 =103x (100+104) =103x100 +103x104 =10300 +10712 =21012.
 9998 x 10002 =9998+2/ -0002x0002  =10000/-0004  =9999/9996  =99959984.   (ध्यान दीजिये -0004  का पूरक सीधे सूत्र से लिखेंगे.)






अतः आप अब इस सूत्र से परिचित हो चुके हैं और निखिलं विधि से गुणा करना भी सीख चुके हैं. अपने विवेक से आप अनेक स्थानों में इस विधि का प्रयोग कर सकते हैं.

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